पहाड़ में उद्योगों को नई उड़ान, चमोली-पौड़ी-अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
छोटे उद्यमों को आधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी, स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार बढ़ाने पर सरकार का जोर

हरिद्वार। उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को अब मैदानी जिलों से आगे पहाड़ तक ले जाने की तैयारी है। सरकार चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन पार्कों में छोटे उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित सातवें सीआईआई उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। विशेष औद्योगिक पार्कों के जरिये स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को संगठित बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
29 हजार एमएसएमई, 1.27 लाख को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था तथा 26 विभागों की 206 से अधिक ऑनलाइन सेवाओं वाला सिंगल विंडो सिस्टम संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए केवल नियामक की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सहयोगी और सहभागी के रूप में काम कर रही है। निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और परियोजनाओं को गति देने पर लगातार काम किया जा रहा है।
स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ का वेंचर फंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड बनाया गया है। वहीं ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और निवेशकों से उत्तराखंड की औद्योगिक संभावनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
पर्वतीय जिलों में औद्योगिक पार्कों की पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उद्योग और रोजगार को पहाड़ तक ले जाने के साथ स्थानीय संसाधनों, कौशल और उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर मिलेगा। यदि यह मॉडल जमीन पर प्रभावी ढंग से उतरता है तो यह पलायन की चुनौती के बीच पहाड़ में आजीविका के नए विकल्प तैयार करने में भी मददगार हो सकता है।


