मजदूरी के बहाने करते थे रेकी, रात में ताला तोड़कर उड़ाते थे जेवर, चार से पांच लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद, नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपित
देहरादून। विकासनगर में न्यू राणा ज्वेलर्स में हुई चोरी का दून पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद जेवर की कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपित मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में मजदूरी करने के बहाने पहुंचकर पहले दुकानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही रात में ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के अनुसार, विकासनगर निवासी संजीव राणा ने नौ अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि सात अगस्त की रात वह न्यू राणा ज्वेलर्स बंद कर घर चले गए थे। नौ अगस्त की सुबह दुकान खोलने पर अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ ही पूर्व में नकबजनी में शामिल रहे आरोपितों का भी सत्यापन किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया।
इसी दौरान 16 अगस्त की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कुल्हाल हाईवे पुल के पास कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से चोरी की गई ज्वेलरी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपितों ने न्यू राणा ज्वेलर्स में चोरी करना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे सभी नेपाल के रहने वाले हैं। मजदूरी के बहाने अलग-अलग राज्यों में जाते हैं और वहां चोरी के लिए दुकानों की रेकी करते हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले आरोपित हिमाचल प्रदेश के बंजार में मजदूरी कर रहे थे। उनके साथी भीम बहादुर शाही के कहने पर वे विकासनगर पहुंचे थे।
यहां उन्होंने काम की तलाश के बहाने कई इलाकों में घूमकर रेकी की और न्यू राणा ज्वेलर्स को निशाना बनाया। सात अगस्त की रात मौका देखकर दुकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण समेटकर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार चोरी के बाद आरोपित देहरादून और हरिद्वार होते हुए बस से हिमाचल प्रदेश चले गए। इसके बाद उनकी योजना नेपाल भागने की थी। इसके लिए वे अपने साथी भीम बहादुर के कहने पर दोबारा देहरादून आइएसबीटी की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का भी पता चला है। आरोपित वारदात से पहले फर्जी पहचान के आधार पर सिम कार्ड लेते थे। घटना के दौरान इन्हीं सिम का इस्तेमाल करते और वारदात के बाद उन्हें तोड़कर नष्ट कर देते थे।
पुलिस ने आरोपित निश्चल योगी उर्फ रमेश के पास से हिमाचल प्रदेश के पते पर बना फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इसी के जरिये वह सिम कार्ड हासिल कर गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था।
पूछताछ में आरोपितों के पूर्व में कर्नाटक के बेंगलुरु, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में चोरी व नकबजनी के मामलों में जेल जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। वहीं, वारदात में शामिल पांचवें आरोपित भीम बहादुर शाही की तलाश में दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में नैना शाही उर्फ विनोद, दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया, शंकर बहादुर शाही और निश्चल योगी उर्फ रमेश सभी नेपाल के निवासी हैं। इनके पास से करीब चार से पांच लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण व अन्य सामान बरामद हुआ है।


