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कार्बेट में जंगल सफारी के दीवाने सबसे ज्यादा

50,395 परमिट जारी, 2.11 लाख पर्यटकों ने लिया जंगल भ्रमण का आनंद, पर्यटन सीजन में 2.50 लाख सैलानियों से 24.62 करोड़ रुपये का राजस्व

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में गुजरे पर्यटन सीजन देश-विदेश के सैलानियों की खूब आमद रही। 15 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक 2,50,597 पर्यटकों ने कॉर्बेट का भ्रमण किया। इससे इकोटूरिज्म के जरिये 24 करोड़ 62 लाख 33 हजार 155 रुपये का राजस्व मिला। इस दौरान कुल 65,390 सफल बुकिंग दर्ज की गईं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से कॉर्बेट के साथ ही रामनगर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार पूरे पर्यटन सीजन में ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर कोई डाउनटाइम नहीं हुआ। साइबर सुरक्षा को मजबूत करते हुए पोर्टल पर करीब 25 करोड़ साइबर हमलों को रोकने का दावा किया गया।

सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद
कॉर्बेट पहुंचने वाले सैलानियों में जंगल सफारी का क्रेज सबसे अधिक रहा। सफारी के लिए 50,395 परमिट जारी किए गए, जिनके माध्यम से 2,11,360 पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया। नाइट स्टे के लिए 5,590 बुकिंग हुईं और 14,040 पर्यटकों ने रात्रि विश्राम किया। वहीं कैंटर से सफारी के लिए 9,405 बुकिंग में 25,197 पर्यटक पहुंचे।
कुल पर्यटकों में 2,40,646 भारतीय और 9,951 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। राजस्व के लिहाज से भी सफारी सबसे आगे रही। कुल राजस्व में सफारी की हिस्सेदारी 67.2 प्रतिशत, नाइट स्टे की 18.2 प्रतिशत और कैंटर की 14.6 प्रतिशत रही। नाइट स्टे में ढिकाला जोन की हिस्सेदारी 68.56 प्रतिशत रही, जबकि सफारी में झिरना जोन 31.51 प्रतिशत के साथ आगे रहा।

43 साल रही नाइट स्टे वालों की औसत उम्र
आंकड़ों के अनुसार नाइट स्टे करने वाले पर्यटकों की औसत आयु 43 वर्ष रही। सफारी और कैंटर से जंगल घूमने वाले पर्यटकों की औसत आयु 37 वर्ष दर्ज की गई। कुल पर्यटकों में करीब 61 प्रतिशत पुरुष रहे।
नियमों के उल्लंघन पर कॉर्बेट प्रशासन ने भी सख्ती दिखाई। सीजन के दौरान 12 परमिट रद्द, 479 मोबाइल नंबर ब्लॉक और छह पर्यटकों पर प्रतिबंध लगाया गया।

रामनगर को मिला पर्यटन कारोबार का फायदा
कॉर्बेट पर्यटन का सीधा असर रामनगर के कारोबार पर भी पड़ा। राष्ट्रीय स्तर की बुकिंग में रामनगर सबसे आगे रहा। यहां से सफारी के 22,364 परमिट, नाइट स्टे की 1,510 और कैंटर की 1,374 बुकिंग दर्ज हुईं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, होमस्टे, गाइड, चालक, दुकानदार और स्थानीय परिवहन कारोबार को काम मिला। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली।

पिछले वित्त वर्ष में चार लाख से ज्यादा पर्यटक
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4,00,946 पर्यटकों ने कॉर्बेट नेशनल पार्क का भ्रमण किया। इनमें 3,89,997 भारतीय और 10,949 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इस अवधि में इकोटूरिज्म से करीब 27 करोड़ 75 लाख 28 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

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