मंडुवा खरीद का दायरा बढ़ा, 250 केंद्रों पर आज से होगी खरीद
किसानों को मिलेगा 52.05 रुपये प्रति किलो भाव

देहरादून। पहाड़ के किसानों की पारंपरिक उपज को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में एक अक्टूबर से मिलेट्स खरीद अभियान शुरू होगा। मिलेट्स मिशन के तहत इस बार प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्रों से मंडुवा, झंगोरा, दालें, तिलहन, चौलाई समेत अन्य पहाड़ी उत्पाद खरीदे जाएंगे। पिछले वर्ष 214 केंद्रों पर खरीद हुई थी।
उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) गढ़वाल और कुमाऊं में किसानों से सीधे मंडुवा खरीदेगा। इस वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य 52.05 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यह 48.86 रुपये प्रति किलो था। सरकार के अनुसार मंडुवा का खरीद मूल्य पहले 18 रुपये प्रति किलो से शुरू हुआ था। अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य पर यूसीएफ हाट के माध्यम से होगी।
सहकारी समितियों के माध्यम से खरीद होने से किसानों को दूर बाजारों में जाने की जरूरत नहीं होगी। प्रत्येक क्विंटल खरीद पर समिति को 200 रुपये की आय मिलेगी। किसानों को भुगतान डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में किया जाएगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मिलेट्स से पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने सभी जिलाधिकारियों को खरीद केंद्रों और दरों का व्यापक प्रचार कराने के निर्देश दिए हैं।
यूसीएफ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि यूसीएफ हाट के जरिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन भी किया जाएगा।
पिछले साल की तस्वीर
– 214 क्रय केंद्रों पर हुई खरीद
– 11,153 किसानों से मंडुवा खरीदा
– 53,860.652 कुंतल मंडुवा खरीदा
– चमोली में सबसे अधिक खरीद
– कुमाऊं में पिथौरागढ़ आगे
इस बार क्या बदला
250 क्रय केंद्र — पिछले साल से 36 अधिक
52.05 रुपये/किलो — मंडुवा का निर्धारित भाव
200 रुपये/कुंतल — सहकारी समिति को आय
डीबीटी भुगतान — सीधे किसान के बैंक खाते में


