उत्तराखंड

उत्तराखंड में पूर्व अग्निवीरों को बड़ी राहत, लिखित और शारीरिक परीक्षा से मिलेगी छूट

वर्दीधारी विभागों में समूह ‘ग’ के पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण; कैबिनेट ने नई नियमावली को दी मंजूरी

देहरादून। सेना में चार साल की सेवा पूरी कर नागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों को उत्तराखंड में सरकारी नौकरी पाने के लिए अब भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त राहत मिलेगी। राज्य के वर्दीधारी विभागों में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के साथ लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण कक्ष में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में नई नियमावली को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया होगी आसान

कैबिनेट ने ‘वर्दीधारी विभागों में सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को स्वीकृति दी है। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी के अनुसार, इसके तहत राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण और परीक्षा संबंधी रियायतों का लाभ मिलेगा। सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से ये प्रावधान किए हैं।

इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा में राहत का प्रावधान किया गया था। अब केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुरूप नियमावली में संशोधन कर लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में भी छूट देने का निर्णय लिया गया है।

नवंबर में सेवामुक्त होगा अग्निवीरों का पहला बैच

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होने जा रहा है। वर्ष 2022 में देशभर में करीब 46 हजार युवाओं की भर्ती हुई थी। इनमें से 25 प्रतिशत को स्थायी सैन्य सेवा में बने रहने का अवसर मिलेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद नागरिक जीवन में लौटेंगे।

उत्तराखंड के करीब 1,200 अग्निवीरों के सेवामुक्त होने की संभावना है। इन युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनके समायोजन में मदद के लिए राज्य सरकार ने विशेष अग्निवीर सेल का गठन भी किया है। नई नियमावली से पूर्व अग्निवीरों को पुलिस समेत विभिन्न वर्दीधारी विभागों में सरकारी सेवा पाने का अवसर मिलेगा।

 इन विभागों में नौकरी का मिलेगा अवसर

नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड पुलिस, अग्निशमन सेवा, कारागार विभाग, वन विभाग में वन आरक्षी और आबकारी विभाग के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले पदों पर पूर्व अग्निवीरों को लाभ मिलेगा। इनमें सिपाही और अन्य समकक्ष पद शामिल हैं। संबंधित पदों की भर्ती नियमावली के अनुसार पात्र पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित आरक्षण और परीक्षा संबंधी रियायतों का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को भी मंजूरी दी है। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, धैर्य और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य साहसी बच्चों का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, निडरता और सामाजिक संवेदनशीलता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

विधानसभा  सत्र पर भी मुहर

मंत्रिमंडल ने पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा का सत्र अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में गैरसैंण में आयोजित हो सकता है। हालांकि, सत्र की तिथि और स्थान को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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