तमकनाले की तबाही के बीच राहत की राह, रिकॉर्ड समय में बहाल हुआ यातायात
वैली ब्रिज बहने के बाद ह्यूम पाइप डालकर तैयार किया अस्थाई मोटर मार्ग, दूसरे दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश जारी
देहरादून। चमोली जिले की नीती घाटी में भारी बारिश के बीच उफान पर आए तमकनाले ने जबरदस्त तबाही मचाते हुए वैली ब्रिज को बहा दिया तो क्षेत्र की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। चुनौती बड़ी थी और समय बेहद कम। लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने युद्धस्तर पर मोर्चा संभाला और रिकॉर्ड समय में तमक नाले पर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार कर यातायात बहाल कर दिया। ह्यूम पाइप डालकर तैयार किए गए इस वैकल्पिक मार्ग से अब वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
तमक नाले में वैली ब्रिज बहने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अधिकारियों को हरसंभव तेजी से मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर जुट गईं और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच लगातार काम करते हुए अस्थाई मार्ग तैयार किया।
मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत एवं मार्ग बहाली के पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप और चमोली के जिलाधिकारी से लगातार स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड समय में यातायात बहाल किए जाने पर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों को बधाई दी।
वैली ब्रिज बहा, फिर भी नहीं रुकी राहत की रफ्तार
भारी बारिश के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आ गया था। तेज बहाव की चपेट में आने से वैली ब्रिज बह गया और नीती घाटी में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। आपदा की सूचना मिलते ही प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत और मार्ग बहाली के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय किया।
मौके पर पहुंची टीमों ने परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार करने का निर्णय लिया। लगातार किए गए प्रयासों के बाद मार्ग तैयार हुआ और वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। इससे क्षेत्र में फंसे लोगों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को बड़ी राहत मिली है।
एक लापता की तलाश में दूसरे दिन भी संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
तमक नाले में वैली ब्रिज बहने की घटना ने जहां यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया, वहीं एक व्यक्ति के लापता होने से चुनौती और गंभीर हो गई है। लापता व्यक्ति की तलाश में दूसरे दिन भी व्यापक सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी रहा। जिला प्रशासन, पुलिस, भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सीमा सड़क संगठन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। नदी तटों के साथ-साथ संभावित स्थानों पर गहन तलाशी ली जा रही है। तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमें हर संभावित स्थान को खंगाल रही हैं।
जलस्तर और मौसम पर लगातार नजर
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। मौसम की स्थिति और तमक नाले के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौके पर तैनात रेस्क्यू एवं राहत टीमों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है—एक ओर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखना और दूसरी ओर लापता व्यक्ति की तलाश को अंजाम तक पहुंचाना। इसके लिए विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर अभियान चलाया जा रहा है।
अस्थाई मार्ग पर सावधानी जरूरी
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों से अस्थाई मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि मार्ग से गुजरते समय मौके पर तैनात अधिकारियों और संबंधित विभागों की टीमों के सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। मौसम खराब होने अथवा नाले का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आवाजाही को तत्काल नियंत्रित किया जा सकता है।
आपदा ने रास्ता छीना, लेकिन प्रशासन की तत्परता ने उसी रास्ते को रिकॉर्ड समय में फिर खोल दिया। हालांकि एक व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है और जब तक उसे खोज नहीं लिया जाता, रेस्क्यू अभियान पूरी गंभीरता के साथ चलता रहेगा।


