शबद-कीर्तन और सेना के बैंड की धुनों के बीच हेमकुंड साहिब के कपाट बंद
पांच हजार से अधिक श्रद्धालु बने भावुक विदाई के साक्षी, इस यात्रा सीजन में 3.84 लाख से अधिक ने टेका मत्था

गोपेश्वर। सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार को धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। सेना के बैंड की मधुर धुनों, गुरबाणी, शबद-कीर्तन और अंतिम अरदास के बीच धाम में भावुक विदाई का दृश्य देखने को मिला। कपाट बंद होने के इस पावन अवसर पर पांच हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे। इस वर्ष यात्रा के दौरान 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया।
कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया सुबह सुखमणी साहिब के पाठ के साथ शुरू हुई। इसके बाद शबद-कीर्तन और अंतिम अरदास की गई। हुक्मनामा लेने के पश्चात गुरु ग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुआई में सेना के बैंड की धुनों के बीच दीवान हॉल से सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ ही हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए।
इस अवसर पर गोविंद धाम (घांघरिया) से रागी जत्थे के साथ हजारों श्रद्धालु पवित्र धाम पहुंचे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। हिमालय की गोद में स्थित इस पवित्र स्थल से विदाई लेते समय श्रद्धालुओं में अगले यात्रा सीजन में दोबारा दर्शन करने की उत्सुकता भी नजर आई।
23 मई को खुले थे कपाट
इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, जबकि लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट 22 मई को खुले थे। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में स्थित हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यात्रा सीजन के समापन के साथ ही अब दोनों धार्मिक स्थल शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं।
पाकिस्तानी श्रद्धालुओं ने भी किए दर्शन
कपाट बंद होने के अवसर पर पाकिस्तान से आए करीब 40 श्रद्धालुओं के जत्थे ने भी हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। पपिंद्र सिंह के नेतृत्व में यह जत्था गुरुवार रात ऋषिकेश स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंचा था। श्रद्धालुओं ने पवित्र धाम में गुरु महाराज के प्रति आस्था प्रकट की।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए गोविंदघाट के प्रभारी निरीक्षक चित्रगुप्त सिंह और घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह का आभार जताया। इस दौरान ट्रस्ट के मैनेजर मोनू सिंह, ग्रंथी हामिद सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


