उत्तराखंड

युवाओं के कौशल विकास पर पांच साल में खर्च होंगे 200 करोड़, कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी नियम होंगे स्पष्ट

कैबिनेट की बैठक में लिए गए 24 फैसले, समूह ‘ग’ की भर्तियों में साक्षात्कार प्रक्रिया में बदलाव, मेडिकल कालेजों में रेजिडेंट चिकित्सकों के वेतन-मानदेय का होगा पुनर्निर्धारण

चंपावत। युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा नियमों को और स्पष्ट करने की दिशा में धामी मंत्रिमंडल ने रविवार को अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत राजकीय व निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। योजना पर पांच वर्ष में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सरकारी सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया में संशोधन करते हुए उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त करने को मंजूरी दी गई। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी का पद संबंधित साक्षात्कार परिशिष्ट से हटाया जाएगा। लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन में भी इसी पद को आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया गया है।

कर्मचारियों से जुड़े एक अन्य फैसले में उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसमें कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति संबंधी प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के अनुरूप स्पष्ट किया जाएगा।

मेडिकल कालेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी दूर करने के लिए उनके देय वेतन व मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण के लिए छह पदों वाली पीएमयू, वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए सीड्स कारपोरेशन को 66.29 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि, संपत्ति लेन-देन में पैन सत्यापन और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत रखने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी।

वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था बदली गई। छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखने, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति, सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित अभिकरणों को देने, सिंचाई एवं जल निकासी संबंधी नए विधेयक और कुक्कुट आहार सब्सिडी को आधार सीडेड बैंक खाते से डीबीटी के माध्यम से देने के प्रस्ताव भी मंजूर हुए।

निजी विश्वविद्यालयों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में 20 हजार वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का मानक तय किया गया। नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026 तथा उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति मिली।

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