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आपदा से मुकाबले की नई तैयारी: रिस्पॉन्स टाइम घटाने को टिहरी से शुरू हुआ राज्यव्यापी प्रशिक्षण अभियान

नई टिहरी। उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत कर दी है। शनिवार को नई टिहरी में आयोजित ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण’ विषयक कार्यशाला में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की सबसे बड़ी ताकत पूर्व तैयारी, नियमित प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का विशेष फोकस आपदा के दौरान रिस्पॉन्स टाइम कम करने और राहत-बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर है।

कैबिनेट मंत्री कौशिक ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल संसाधन उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि सभी संबंधित विभाग और कार्मिक आपदा के समय अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह प्रशिक्षित हों। सामुदायिक सहभागिता को भी उन्होंने प्रभावी आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है, ताकि उनके अनुभव का लाभ आपदा के समय मिल सके।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अब प्रत्येक जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण का प्रशिक्षण देगा। इस राज्यव्यापी क्षमता विकास अभियान की शुरुआत टिहरी गढ़वाल से हुई है। आगामी दिनों में हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चमोली, देहरादून और पिथौरागढ़ समेत अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम, एकीकृत संचार प्रणाली तथा आपदा प्रबंधन पोर्टल एवं मोबाइल एप के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, एडीएम शैलेंद्र नेगी, जिला आपदा अधिकारी बृजेश भट्ट, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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