राजनीति से खेल और लोकसंस्कृति तक… 15 विभूतियों को मिलेगा उत्तराखंड गौरव सम्मान
राज्य स्थापना दिवस पर परेड ग्राउंड में होगा अलंकरण समारोह, विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को किया जाएगा सम्मानित
देहरादून। उत्तराखंड की पहचान, विकास और प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में योगदान देने वाली 15 विभूतियों को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया जाएगा। राजनीति, प्रशासन, चिकित्सा, उद्यमिता, फिल्म, शिक्षा, पत्रकारिता, समाजसेवा, पर्यावरण, लोककला और खेल सहित विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली इन हस्तियों को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में सम्मान प्रदान किया जाएगा।
उत्तराखंड गौरव सम्मान के लिए चयनित नामों में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का नाम भी शामिल है। उन्हें राजनीतिक एवं शासकीय क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. जीवन सिंह तितियाल, उद्यमिता में मनमोहन भारद्वाज और फिल्म जगत में अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को उनके योगदान के लिए सम्मान दिया जाएगा।
प्रदेश की लोकसंस्कृति और परंपराओं को स्वर देने वाली लोकगायिका हेमा नेगी करासी तथा लोकगायिका रेशमा शाह को भी सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. गिरीश रंजन तिवारी का चयन किया गया है। वहीं सामाजिक क्षेत्र में अनीता थपलियाल शर्मा और कश्मीर सिंह को उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए पर्यावरणविद सुरेश भाई को सम्मानित किया जाएगा।
खेल प्रतिभाओं को भी मिलेगा राज्य का सर्वोच्च सम्मान
खेल के क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली पांच प्रतिभाओं को इस वर्ष सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एकता बिष्ट और वंदना कटारिया, धाविका अंकिता ध्यानी, मुक्केबाज निकिता चंद तथा खिलाड़ी कपिल पोखरिया शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और उपलब्धियों से प्रदेश को पहचान दिलाई है।
विविध क्षेत्रों की उपलब्धियों का होगा सम्मान
उत्तराखंड गौरव सम्मान के लिए चयनित 15 विभूतियां प्रदेश की बहुआयामी प्रतिभा और उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस सूची में प्रशासनिक अनुभव से लेकर चिकित्सा सेवा, उद्यमिता, कला-संस्कृति, सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण और खेल जगत तक के नाम शामिल हैं।
राज्य स्थापना दिवस पर इन विभूतियों का सम्मान प्रदेश के लिए उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने के साथ ही नई पीढ़ी को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देने का अवसर भी बनेगा। राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में प्रदान किए जाने वाले ये सम्मान उत्तराखंड की उन हस्तियों को समर्पित होंगे, जिन्होंने अपने कार्यों से प्रदेश की पहचान और प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।


