उत्तराखंडपर्यटन

आस्था को अर्थव्यवस्था से जोड़कर पलायन रोकने पर जोर : धामी

नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ, बोले- धार्मिक पर्यटन से गांवों तक पहुंचेंगे रोजगार के अवसर

टिहरी। उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन अब आस्था और श्रद्धा तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और पहाड़ों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ना है, ताकि विकास का लाभ गांवों तक पहुंचे और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक मैदान में ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय 50वें मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मेले में निकाली गई झांकियों का अवलोकन करने के साथ विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1974 में शुरू हुआ यह मेला पांच दशक की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुका है। यह आयोजन धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय विकास को भी गति दे रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बदरी-केदार क्षेत्र और मानसखंड मंदिरों के विकास जैसे प्रयासों से देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है। उत्तराखंड में भी धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन को नई दिशा मिल रही है।

होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख धार्मिक स्थलों और शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे गांवों और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना, होमस्टे, एक जनपद-दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसी पहल स्थानीय उत्पादों तथा स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन और फार्म मशीनरी बैंक जैसी योजनाओं के माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन पहलों से महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। सरकार पर्यटन, कृषि और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित कर पलायन की चुनौती से निपटने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

टिहरी झील के आसपास विकसित होंगे पर्यटन मार्ग

मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण तथा गजा अस्पताल के उच्चीकरण से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं।

उन्होंने करीब 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत सुविधाओं का विकास पर्यटन गतिविधियों को गति देने के साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

लोक संस्कृति और परंपराओं का संगम बना मेला

मेले के शुभारंभ अवसर पर छोलिया नृत्य, महिषासुर मर्दिनी, नरसिंह अवतार, माखन होली और बदलता नरेंद्रनगर जैसे विषयों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले में खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संस्कृति को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती की पहल पर वर्ष 1974 में शुरू हुआ यह आयोजन जनसहभागिता के कारण आज बड़े राज्यस्तरीय मेले के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि मेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ खेल एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है।  उनियाल ने नरेंद्रनगर में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट और पदों के सृजन तथा सीवर लाइन समेत विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

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