देहरादून। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के युवाओं के साथ ही एमबीबीएस में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्व. जगजीवन राम राजकीय मेडिकल कालेज, पिथौरागढ़ में इसी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने कालेज की दूसरी अपील स्वीकार करते हुए 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की अनुमति दे दी है।
इसके साथ ही प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की कुल सीटें 625 से बढ़कर 675 हो गई हैं।
कालेज प्रशासन ने शुरुआत में 100 सीटों के लिए आवेदन किया था। मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को 100 सीटों के लिहाज से अपर्याप्त मानते हुए आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद कालेज ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) में पहली अपील की, लेकिन वहां भी एमएआरबी का निर्णय बरकरार रहा।
इसके बाद कालेज ने केंद्र सरकार के समक्ष दूसरी अपील दाखिल की। कालेज प्रशासन ने इस दौरान बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों और उपलब्ध फैकल्टी की जानकारी प्रस्तुत की। पहले वर्ष के एनाटामी, फिजियोलाजी और बायोकेमिस्ट्री विषयों के लिए प्रोफेसर उपलब्ध होने के साथ ही 24 अगस्त को वाक-इन इंटरव्यू के जरिये तीन नए फैकल्टी का चयन भी किया गया।
नौ सितंबर को तकनीकी विशेषज्ञ समूह (टीईजी) और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) की संयुक्त बैठक में कालेज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। समिति ने 50 सीटों के लिए कालेज में आवश्यक बुनियादी ढांचा, सुविधाएं और फैकल्टी पर्याप्त पाए। इसके आधार पर केंद्र ने दूसरी अपील स्वीकार करते हुए 50 सीटों के साथ एमबीबीएस कक्षा शुरू करने की मंजूरी दी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सीटें बढ़ने से सरकारी मेडिकल कालेजों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे। इनमें 85 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे के तहत भरी जाएंगी।



