उत्तराखंड
पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी का रास्ता साफ, 243 पदों पर होगी नियुक्ति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इसके तहत विभिन्न विभागों में 243 पदों पर पदक विजेता खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ है। खिलाड़ियों को युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत अन्य विभागों में नियुक्ति दी जाएगी। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम के 35 पद सृजित किए गए हैं, जो मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे।
कैबिनेट ने बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी। प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं—
- ऊर्जा विभाग एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- कारागार विभाग: सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने की मंजूरी।
- शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय: सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण करते हुए मानदेय बढ़ाने का निर्णय।
- खाद्य विभाग: विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
- मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न: प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न का स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया।
- खेल विभाग: माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम के 35 पद सृजित, जिन्हें मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है।
- खेल नीति-2021: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को 243 पदों पर नियुक्ति देने का प्रस्ताव मंजूर।
- मसूरी में जमीन: जीएमवीएन की पार्किंग में करीब 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को देने की मंजूरी।
- ईएसआई अस्पताल: कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय, हरिद्वार के समीप 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल के लिए देने पर मुहर।
- सेवा संकल्प अभियान: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। सभी मंत्री अभियान के प्रभारी होंगे। धार्मिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन, आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के साथ जनभागीदारी से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। विकसित भारत के संकल्प के तहत एक चौराहे पर ‘विकसित भारत का कलश’ भी रखा जाएगा।



