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उत्तराखंड की सनाया ने 600 तीरंदाजों के बीच डबल गोल्ड पर साधा निशाना, अब ओलंपिक पदक पर नजर

श्रीनगर (गढ़वाल)। प्रतिभा, मेहनत और अटूट एकाग्रता का शानदार संगम बनकर उभरी श्रीनगर गढ़वाल की युवा तीरंदाज सनाया (माही) भंडारी ने एक बार फिर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। बिजनौर में आयोजित सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में करीब 600 प्रतिभागियों के बीच अंडर-14 वर्ग की सिंगल और डबल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इंडियन राउंड (70 और 30 मीटर) में सटीक निशाने, बेहतरीन तकनीक और मजबूत मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए सनाया ने साबित कर दिया कि वह भविष्य की एक उभरती हुई तीरंदाज हैं।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अपनी छाप छोड़ रही सनाया अब ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतने का सपना संजोए आगे बढ़ रही हैं।
उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सनाया ने शुरुआत से ही शानदार लय बनाए रखी। हर दौर में आत्मविश्वास और संयम के साथ खेलते हुए उन्होंने सिंगल और डबल दोनों स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। लगभग 600 प्रतिभागियों के बीच दो स्वर्ण पदक जीतना उनकी प्रतिभा और कठिन परिश्रम का प्रमाण माना जा रहा है।

सनाया की इस सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षक प्रतिभा धामी और कुलदीप बिष्ट की मेहनत और मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही। नियमित अभ्यास, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और अनुशासित दिनचर्या ने उन्हें कम समय में राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी अलग पहचान दिलाई है।

यह पहली बार नहीं है जब सनाया ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। बीते वर्ष मार्च में आंध्र प्रदेश, जून में नैनीताल और नवंबर में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में भी उन्होंने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन उनकी बढ़ती क्षमता और उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।

सनाया, श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत सिंह भंडारी की पुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बेटी की उपलब्धि पूरे उत्तराखंड और श्रीनगर गढ़वाल के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि सनाया आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी।

ओलंपिक में तिरंगा बुलंद करना मेरा सपना है: सनाया
दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद सनाया भंडारी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, मंजिल नहीं। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। मैं इसी उद्देश्य को लेकर लगातार मेहनत कर रही हूं और आगे भी पूरी लगन से अभ्यास करती रहूंगी।”

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