
मेरठ। पति की हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाकर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रचने वाली पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मेरठ के चर्चित सांप कांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने अमित कश्यप की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसके शव के पास सांप छोड़ दिया था, ताकि मौत की वजह सर्पदंश लगे।
दोनों को सात अक्टूबर को हत्या का दोषी ठहराया गया था। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों को फांसी की सजा सुनाई।
553 दिन में पूरी हुई सुनवाई
इस बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई 553 दिनों तक चली। इस दौरान अदालत में 87 तारीखें लगीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने हत्या की साजिश से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखे। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया।
सर्पदंश का रूप देने की थी कोशिश
मामला 12 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब अमित कश्यप अपने घर में मृत पाए गए। शव के पास सांप मिलने से शुरुआत में मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस की जांच में अभियोजन के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पास सांप छोड़कर मौत को सर्पदंश दिखाने की कोशिश की गई थी।
फैसला सुनकर भावुक हुईं मां
अदालत का फैसला सुनने के बाद अमित की मां मुनेश और सरकारी वकील फरजाना मकसूद अहमद भावुक हो गईं। वादी पक्ष के अधिवक्ता बलराज सिंह ने कहा कि वह शुरू से ही दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर रहे थे। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

