देवभूमि में सड़कों पर नमाज बर्दाश्त नहीं, कानून का राज सर्वोपरि: सीएम धामी
–सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री
-चारधाम यात्रा के बीच शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
देहरादून। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने भी सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देवभूमि में धार्मिक गतिविधियों के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था सर्वोपरि है तथा कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक मर्यादा और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख साफ किया।
सड़कें आम जनता के लिए, धार्मिक आयोजन तय स्थलों पर हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है, जहां सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया जाता है। लेकिन सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध कर धार्मिक आयोजन करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही और सुचारू यातायात के लिए होती हैं। नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। जनता को परेशानी में डालकर रास्ते रोकना स्वीकार्य नहीं है।
तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा प्रहार
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल सिर्फ अपने वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए सड़कों पर नमाज पढ़ने जैसी गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, उत्तराखंड सरकार की नीति इस विषय पर पूरी तरह स्पष्ट और निष्पक्ष है।
सड़कों को बंधक बनाया तो होगी कड़ी कार्रवाई
सीएम धामी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनन सख्त से सख्त कार्रवाई तय की जाएगी। देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा और शांति सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने वर्तमान परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में पवित्र चारधाम यात्रा चल रही है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
प्रशासन को दिए सख्त निर्देश
-संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और खुफिया तंत्र विशेष निगरानी रखें।
-कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


