‘हर काम देश के नाम’
औली में ‘युद्ध अभ्यास 2026’: भारत-अमेरिकी सैनिकों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों का किया संयुक्त अभ्यास

औली (चमोली)। उत्तराखंड के औली में भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों के तहत विभिन्न सामरिक ड्रिल का संयुक्त प्रशिक्षण लिया।
अभ्यास के दौरान भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेंशन ड्रिल का प्रदर्शन किया। इन अभ्यासों को नजदीकी और चुनौतीपूर्ण युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों ने समन्वित तरीके से अभियान चलाने और संभावित खतरों से निपटने की प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।
इस संयुक्त ड्रिल में ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वाड और स्नाइपर टीमों जैसी आधुनिक तकनीकों एवं विशेषज्ञ क्षमताओं का भी इस्तेमाल किया गया। इससे आतंकवाद-रोधी अभियानों में प्रशिक्षित सैन्यकर्मियों और आधुनिक तकनीक के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेना के जवानों ने भारतीय सैनिकों के साथ संवाद किया और विभिन्न उपकरणों तथा प्रदर्शित सैन्य क्षमताओं का अवलोकन किया। दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण के दौरान अपनाई जा रही तकनीकों, प्रक्रियाओं और परिचालन अनुभवों को समझने पर विशेष ध्यान दिया।
‘युद्ध अभ्यास 2026’ के माध्यम से दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर अनुभवों और सैन्य ज्ञान का आदान-प्रदान हुआ। संयुक्त प्रशिक्षण से आपसी सामरिक समझ, समन्वय और अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली, जिससे भविष्य में संयुक्त अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।


