उत्तराखंडविविध

स्वच्छ होगी हवा: देहरादून, ऋषिकेश व काशीपुर में धूल-धुएं पर सख्ती

मुख्य सचिव ने एनसीएपी की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, पीएम-10 और पीएम-2.5 घटाने को सड़क सुधार, निर्माण मलबा निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर

देहरादून। राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत प्रदेश के तीन शहरों देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित संचालन समिति की सातवीं बैठक में तीनों शहरों की वायु गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर में कमी लाने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम-10 को नियंत्रित करने के लिए सड़कों की स्थिति में सुधार, सभी सड़कों का पक्कीकरण, फुटपाथों का निर्माण तथा धूल नियंत्रण के उपायों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (डेमोलिशन) से निकलने वाले मलबे के लिए प्रभावी निस्तारण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। सभी स्थानीय निकायों को इसके लिए पृथक स्थल चिह्नित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि आमजन को मलबा निस्तारण की निर्धारित व्यवस्था की जानकारी मिल सके। सड़कों पर पड़े निर्माण सामग्री को हटाने के लिए भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पीएम-2.5 के स्तर को कम करने के लिए उन्होंने वाहनों और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यातायात जाम कम करने के लिए प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने काशीपुर में पिछले वर्षों की तुलना में पीएम-2.5 में आए सुधार का विश्लेषण कर उसके सफल मॉडल को अन्य शहरों में लागू करने और सुधार कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने को भी कहा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की वार्षिक कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिकता तय कर गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने लोगों को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से लगातार संदेश प्रसारित करने तथा स्मार्ट सिटी के सभी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड सक्रिय करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button