उत्तराखंडस्पोर्ट्स

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: रोमांच और साहस का महासंगम

देहरादून। हिमालय की गोद में बसी नीति घाटी अब साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रही है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन के सफल आयोजन के बाद पहली बार चमोली जिले की नीति घाटी में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 31 मई से 2 जून 2026 तक “Beyond the Canyon” थीम के साथ होगा। इसमें भारतीय सेना और आईटीबीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्रामीण स्वरोजगार एवं आजीविका मिशन को मजबूती देने वाला यह आयोजन बॉर्डर क्षेत्र के गांवों को नई पहचान और आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा।

नीति घाटी विश्व की उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां प्रकृति ने अपनी अनुपम कृति रची है। ऊंची चोटियां, विशाल ग्लेशियर, ग्रैंड कैन्यन जैसी खाईयां, हरे-भरे मैदान और पारंपरिक गांव इस घाटी को अनोखा बनाते हैं। यहां का उच्चतम बिंदु रिमखिम 4,384 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस अल्ट्रा रन में धावक दुर्लभ ऑक्सीजन, तेज ठंडी हवाओं, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ऊंचाई की चुनौतियों का सामना करेंगे। विश्व में सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा मैराथनों में मुख्य रूप से हिमालय और लद्दाख क्षेत्र शामिल हैं।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन विश्व की छठवीं और भारत की चौथी सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा दौड़ का रिकॉर्ड कायम करेगी। 75 किलोमीटर की अल्ट्रा रन रिमखिम से शुरू होकर सुमना, ग्रैंड कैन्यन स्ट्रेच और मलारी होते हुए नीति गांव तक जाएगी। वहीं 42 किलोमीटर की मैराथन नीति में 42 किमी लूप के रूप में आयोजित होगी। रूट का बड़ा हिस्सा 3,000 मीटर से ऊपर स्थित है। धावकों को यहां न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा देनी होगी।

इस वर्ष कुल 908 धावक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ये भारत के 27 राज्यों के अलावा दो विदेशी देशों से भी आ रहे हैं। सभी प्रतिभागियों के लिए मेडिकल चेक-अप अनिवार्य है। दौड़ के दौरान मेडिकल टीम, सपोर्ट स्टेशन और इमरजेंसी हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटन विभाग के अलावा आईटीबीपी और भारतीय सेना पूरे आयोजन में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स सहयोग प्रदान कर रही है।

कैलाश अल्ट्रा मैराथन के तुरंत बाद 10 नवंबर 2025 को नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के लोगो का अनावरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया और नीति घाटी में अल्ट्रा एक्सट्रीम अल्ट्रा रन मैराथन की घोषणा की थी, तब नीति घाटी में पंजीकृत होम स्टे की क्षमता 35 कमरों से बढ़कर 265 से अधिक कमरों तक पहुँच गई है, साथ हीं बेड( bed) कैपेसिटी 630 से भी अधिक पहुंच गयी है । स्थानीय लोगों ने अपने पारंपरिक घरों को आकर्षक होमस्टे में बदलना शुरू कर दिया है।इससे ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। स्थानीय खान-पान, गाइडिंग, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा अब गांव छोड़ने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार की ओर रुख कर रहे हैं।

माणा घाटी और बद्रीनाथ की तरह नीति घाटी भी अब पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है। 1962 युद्ध के पश्चात् नीति घाटी उपेक्षित रही है, लेकिन अब सरकार द्वारा क्षेत्र में अनेक निर्माण कार्य संचालित हैं। द्रोणागिरी ट्रैकिंग, टिम्मरसैंण महादेव और भविष्य बद्री जैसे आकर्षणों के बावजूद नीति घाटी पर्यटकों की नजरों से दूर रही। अल्ट्रा मैराथन जैसे बड़े आयोजनों से क्षेत्र की ब्रांडिंग हो रही है। टिम्मरसैंण महादेव में उत्तराखंड सरकार की ओर से शानदार कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओ का जबरदस्त ताँता लगने की उम्मीद है।

उत्तराखंड सरकार जल्द ही विदेशी पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट समाप्त करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। नीति घाटी केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और हिमालयी व्यंजन पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

आयोजकों ने ऊंचाई वाले क्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की है। प्रतिभागियों को ऊंचाई बीमारी से बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण और दवाइयां दी जाएंगी। सपोर्ट स्टेशनों पर ऑक्सीजन, पानी, ऊर्जा युक्त खाद्य सामग्री और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। आयोजक “लीव नो ट्रेस” सिद्धांत का पालन सुनिश्चित करेंगे ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा, “यह आयोजन केवल एक खेल स्पर्धा नहीं है। यह उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने की रणनीति का हिस्सा है। दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटकों के आने से होमस्टे, होटल, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को व्यापक लाभ मिलेगा।

––——-–————

नीति घाटी के लोगो की प्रतिक्रिया

“पहले हमारे यहां पर्यटक बहुत कम आते थे, लेकिन जब से नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन की घोषणा हुई है मात्र चार महीनों में हमारे गांव के लोग अपने घरों को होमस्टे में तब्दील करने में लगे हुए है क्षेत्र के लोगो में गज़ब का उत्साह है। ये आयोजन हमारे लिए वरदान साबित होगा। — श्रीमती लक्ष्मी देवी राणा, ग्राम प्रधान -नीति,

“नीति घाटी अब दुनिया के नक्शे पर छाने लगी है । अल्ट्रा रन की वजह से हमें नई पहचान मिली है। मुझे उम्मीद है कि अगले वर्ष से टिम्मरसैंण महादेव के दर्शनों के लिए तीर्थयात्रियों का जबरदस्त आवागमन होगा। प्रधानमंत्री जी के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से हमारी घाटी साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनने की तैयारी में है। बन रही है। यहां के हर युवा में नई उम्मीद जगी है।”-देवेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष – नीति टिम्मरसैंण सेवा समिति

“नीति घाटी के ग्रामीणों में उत्साह चरम पर है। होमस्टे मालिक, युवा गाइड और स्थानीय दुकानदार इस आयोजन को अपनी आजीविका का नया सहारा मान रहे हैं। धावकों के लिए यह दौड़ साहस और उपलब्धि का प्रतीक होगी तो स्थानीय लोगों के लिए यह सपनों को साकार करने का अवसर।”– पुष्कर सिंह राणा, पूर्व प्रधान -कागा एवं संयोजक – सीमा जागरण मंच।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button