खनन में लगातार दूसरे साल लक्ष्य से अधिक राजस्व, बीते वित्तीय वर्ष में 1217 करोड़ राजस्व अर्जित कर विभाग ने तोड़े पिछले सभी रिकॉर्ड
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खनन प्रक्रिया में बरती गई पारदर्शिता और सख्ती के कारण खनन विभाग ने लगातार दूसरे वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त किया है, विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1217 करोड़ का राजस्व अर्जन किया है, जो दिए गए लक्ष्य से अधिक है।
निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म ने बताया कि वित्त विभाग ने 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को खनन राजस्व के रूप में कुल 950 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया था, इसके सापेक्ष विभाग ने कुल 1217 करोड़ का राजस्व अर्जन किया है। इसमें 1130 करोड ट्रेजरी में, 80 करोड़ रुपए जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास में और 07 करोड़ रुपए एस०एम०ई०टी० के रूप में जमा हुआ है।
खनन विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी दिए गए लक्ष्य रू0 875 करोड के सापेक्ष रू० 1041 करोड़ का राजस्व अर्जन किया गया था। इस प्रकार खनन विभाग ने लगातार दूसरे साल ना सिर्फ दिए गए लक्ष्य से अधिक का राजस्व अर्जन किया गया है बल्कि पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।
खनन क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। सरकार ने खनिज नीति – नियमावली का सरलीकरण करते हुए, अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण पर प्रभावी रोक लगाई है, जिससे प्रदेश में वैद्य खनन को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से खनन पट्टों का आवंटन किया गया। सरकार ने माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम योजना के अन्तर्गत राज्य में अवैध खनन, अवैध खनिज परिवहन के प्रभावी रोकथाम के लिए 04 मैदानी जनपदों में 45 चैक गेट्स स्थापित किये हैं।
उक्त के अतिरिक्त अन्य कई कदम भी उठाए गए हैं
धामी सरकार ने प्रदेश में खनिज परिवहन के लिए पूर्व में साधारण पेपर पर ई-रवन्ना प्रपत्र निर्गत किये जाने की व्यवस्था के स्थान पर विशेष प्रकार के सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज में रवन्ना प्रपत्रों को प्रिन्ट किये जाने की व्यवस्था लागू की है। जिससे ई-रवन्ना प्रपत्रों की नकल या दुरूपयोग शून्य हो गया है। विभाग द्वारा अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण पर प्रभावी रोक के उद्देश्य से समय-समय पर ई-रवन्ना पोर्टल में अपडेशन किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष और राजस्व
2016-17 में 335 करोड़,
2017-18 में 440 करोड़,
2018-19 में 414 करोड़,
2019-20 में 396 करोड़
2020-21 में 506 करोड
2021-22 में 575 करोड
2022-23 से 472 करोड़
2023-24 में 645 करोड
2024-25 में 1041 करोड़
2025-26 में 1217 करोड़
खनन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अगर नीयत साफ हो और व्यापक जनहित में प्रदेश के संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने की सोच हो तो एक ऐसे क्षेत्र में भी सफलता की कहानी रची जा सकती, जिस पर पहले कोई बात करने को तैयार नहीं होता था। हमने खनन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी करते हुए, खनन क्षेत्र को राजस्व अर्जित करने वाले प्रमुख विभाग में बदल दिया है, इस बढ़े हुए राजस्व को जन कल्याण में खर्च किया जा रहा है।-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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