नीति घाटी में उफना तमक नाला, वैली ब्रिज बहा; राहत-बचाव के लिए प्रशासन ने कसी कमर
मुख्यमंत्री धामी ने लिया स्थिति का संज्ञान, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें मौके पर, मलारी की ओर आवाजाही रोकी

गोपेश्वर। चमोली जिले की नीति घाटी में सोमवार शाम भारी बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी। तेज बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया और उसके प्रचंड बहाव में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर बना वैली ब्रिज बह गया। पुल के बहने से नीति घाटी में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। घटना में एक व्यक्ति और एक वाहन के बहने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए।
घटना की सूचना मिलते ही शासन और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन के साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। राहत एवं बचाव दल खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच मौके तक पहुंचने के लिए जुट गए हैं। प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के साथ ही लापता व्यक्ति और वाहन की तलाश के लिए अभियान की तैयारी में जुटी हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा की ओर से बनाया गया वैली ब्रिज अत्यधिक जल प्रवाह की चपेट में आकर बह गया। सुरक्षा के दृष्टिगत मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका
तमक नाले में बढ़े जल प्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से मुनादी कर नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
शासन स्तर से भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने राहत-बचाव तंत्र को सक्रिय कर दिया है। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने की है।


