गंगोत्री नेशनल पार्क में पर्यटकों का नया रिकॉर्ड, 39,519 पहुंचे
डेढ़ माह का पर्यटन सीजन शेष रहते राजस्व भी एक करोड़ के पार, पिछले पांच साल में पहली बार बना नया कीर्तिमान

उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क में इस साल पर्यटकों की आमद ने पिछले पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक अप्रैल से 15 अक्टूबर 2026 तक पार्क में 39,519 पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह संख्या अब तक के सर्वाधिक वार्षिक आंकड़े से भी अधिक है। खास बात यह है कि पर्यटन सीजन अभी समाप्त नहीं हुआ है। पार्क के प्रवेश द्वार 30 नवंबर को बंद किए जाने हैं। ऐसे में करीब डेढ़ माह का समय शेष रहने के कारण पर्यटकों की संख्या और राजस्व में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर पार्क की आय पर भी दिखाई दे रहा है। 15 अक्टूबर तक पार्क प्रशासन को 1 करोड़ 5 लाख 99 हजार 860 रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। पिछले पांच वर्षों में यह सर्वाधिक है। वर्ष 2024-25 में पूरे पर्यटन वर्ष के दौरान 85 लाख 11 हजार 600 रुपये का राजस्व मिला था। इस बार सीजन पूरा होने से पहले ही यह आंकड़ा काफी पीछे छूट गया है।
पिछले सर्वाधिक आंकड़े से 6,066 पर्यटक अधिक
पार्क के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 9,841 पर्यटक पहुंचे थे। वर्ष 2022-23 में इनकी संख्या बढ़कर 29,016 हो गई। वर्ष 2023-24 में 33,453 पर्यटकों के साथ अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा दर्ज किया गया था। इसके बाद पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई। वर्ष 2024-25 में 31,586 और वर्ष 2025-26 में 29,202 पर्यटक पहुंचे थे।
इस वर्ष 15 अक्टूबर तक ही पर्यटकों की संख्या 39,519 पहुंच गई है। इस तरह वर्ष 2023-24 के पिछले रिकॉर्ड से 6,066 अधिक पर्यटक पार्क का भ्रमण कर चुके हैं। पर्यटन सीजन के शेष दिनों में यह अंतर और बढ़ने की संभावना है।
विदेशी सैलानी भी पहुंच रहे पार्क
इस वर्ष अब तक गंगोत्री नेशनल पार्क में 38,948 देशी और 571 विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। हिमालय की ऊंची चोटियों, ग्लेशियरों, दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध यह पार्क ट्रेकिंग के शौकीनों को भी आकर्षित करता है। यहां के दुर्गम पर्वतीय मार्ग और प्राकृतिक नजारे पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं।
पार्क के ट्रेकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता से परिचित हो रहे हैं। हर साल पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।— मयंक गर्ग, उप निदेशक, गंगोत्री नेशनल पार्क


