
देहरादून। विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के तहत देहरादून जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर से शुरू होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जांच प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सभी दलों से एफएलसी के दौरान उपस्थित रहकर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच निर्वाचन तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण है। इसमें मशीनों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि उनके सुचारु और त्रुटिरहित संचालन को सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही डेटा रिकॉर्डिंग की विश्वसनीयता की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन व्यवस्था की शुचिता और ईवीएम की विश्वसनीयता बनाए रखना है।
जांच के बाद विधानसभा क्षेत्रवार होगा रेंडमाइजेशन
डीएम ने बताया कि एफएलसी पूरी होने के बाद ईवीएम का विधानसभा क्षेत्रवार रेंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद प्रेक्षक की उपस्थिति में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीनों का दोबारा रेंडमाइजेशन कर उन्हें बूथवार आवंटित किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत यह व्यवस्था निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में सहायक होगी।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 23 अक्टूबर से शुरू होने वाली जांच प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने और पूरी कार्रवाई का अवलोकन करने की अपील की। कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण में राजनीतिक दलों की भागीदारी से व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह देव और जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें भाजपा के अरविंद जैन, कांग्रेस के जसविंदर सिंह और सुनील जायसवाल, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश, बसपा के सत्यपाल तथा आम आदमी पार्टी के कमल राणा शामिल थे। निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
