
हरिद्वार। हरिद्वार की ओर बढ़ते हाईवे पर अब सड़क के साथ हरियाली का घना कवच भी नजर आएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन हाईवे की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रोजेक्ट स्पर टू हरिद्वार के तहत मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण की शुरुआत की है। करीब दो एकड़ क्षेत्र में 24,176 पौधे रोपे जाने प्रस्तावित हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने पौधारोपण कार्य का शुभारंभ किया।
मियावाकी पद्धति में कम क्षेत्रफल में बड़ी संख्या में पौधे लगाकर घना हरित क्षेत्र विकसित किया जाता है। इसी तकनीक के माध्यम से प्रस्तावित क्षेत्र को सघन हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राजमार्ग के आसपास हरित आवरण बढ़ाने के साथ जैव-विविधता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कम जगह में ज्यादा हरियाली
दो एकड़ में 24 हजार से अधिक पौधों का रोपण प्रस्तावित है। पौधों का यह घना समूह विकसित होने के बाद आसपास के पर्यावरण को बेहतर बनाने में सहायक होगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर सामंजस्य बनाने में भी यह पहल मददगार होगी।
अधिकारियों ने देखी कार्य की प्रगति
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर एनएचएआइ क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखंड के ज्वाइंट एडवाइजर विजय सिंह, पीआइयू रुड़की के मैनेजर (टेक्निकल) राजकुमार पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
एनएचएआइ के अनुसार राजमार्गों के आसपास हरित क्षेत्र विकसित करना पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। मियावाकी पद्धति से तैयार होने वाला यह मिनी जंगल हरित आवरण बढ़ाने, जैव-विविधता को प्रोत्साहित करने और ग्रीन हाईवे की अवधारणा को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


