तरुली गांव में ड्रोन से जंगल की खाक छान रहा वन विभाग, अब तक पकड़ से दूर गुलदार
बछेली के तरुली गांव में महिला को निवाला बनाने वाले गुलदार की तलाश तेज, 15 कैमरा ट्रैप और पांच पिंजरे लगाए; 12 सदस्यीय गश्ती दल के साथ तीन शिकारी तैनात

श्रीनगर। बछेली ग्रामसभा के तरुली गांव में महिला को निवाला बनाने वाले गुलदार की तलाश में वन विभाग ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है। गांव से सटे जंगलों और संभावित ठिकानों को ड्रोन की मदद से खंगाला जा रहा है। इसके अलावा तीन सोलर सीसीटीवी कैमरे, 15 कैमरा ट्रैप और पांच पिंजरे लगाए गए हैं। 12 सदस्यीय गश्ती दल के साथ तीन शिकारी भी तैनात किए गए हैं। हालांकि, लगातार निगरानी और गश्त के बावजूद गुलदार का अब तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।
उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की टीमें गांव के आसपास और जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं। ड्रोन के जरिए भी संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
महिला पर हमले की घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को किसी अन्य अनहोनी की आशंका सता रही है। ऐसे में वन विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं।
बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए वाहन
गुलदार के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने स्कूली बच्चों के आवागमन के लिए वाहनों की व्यवस्था की है, ताकि उन्हें सुनसान रास्तों से अकेले न गुजरना पड़े। गश्ती दल को ग्रामीणों की आवाजाही वाले रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुलदार को पकड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा।
पुलिंडा गांव में गुलदार का हमला, 63 वर्षीय ग्रामीण घायल
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के पुलिंडा गांव में गुलदार के हमले से ग्रामीणों में दहशत है। मंगलवार शाम आंगन में टहल रहे 63 वर्षीय कोमल सिंह पर गुलदार ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। शोर मचाने पर गुलदार मौके से भाग गया। घायल को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग ने गांव में गश्त तेज कर दी है।


