उत्तराखंड

रोमांच के नाम पर जिंदगी से खिलवाड़, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

देवप्रयाग के पास मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल सील, निरीक्षण में नहीं मिले आपातकालीन चिकित्सा उपकरण, पार्किंग की व्यवस्था भी नदारद, राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े किए जा रहे थे वाहन; एसडीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

टिहरी। रोमांच और साहसिक पर्यटन के नाम पर पर्यटकों की जिंदगी से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। देवप्रयाग के पास मूल्यागांव स्थित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान यहां आपातकालीन चिकित्सा उपकरण तक उपलब्ध नहीं मिले। वहीं, पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े किए जा रहे थे। सुरक्षा इंतजामों में मिली इन खामियों ने साहसिक पर्यटन गतिविधियों के संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बंजी जंपिंग जैसे जोखिम भरे खेलों में सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता भारी पड़ सकता है। यहां तकनीकी उपकरणों की उपयुक्तता, प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता और आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्राथमिक आपातकालीन सुविधाओं का अभाव पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होने और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी।

एसडीएम के निरीक्षण में सामने आईं खामियां

सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर पंकज भट्ट ने पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बंजी जंपिंग स्थल को सील करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों, आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं और जरूरी अनुमतियों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। नियमों की अनदेखी कर पर्यटकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के प्रति प्रशासन सख्ती बरतेगा।

सील से छेड़छाड़ की तो होगी कार्रवाई

एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि सील किए गए स्थल को जम्प मास्टर अनूप सिंह की सुपुर्दगी में दिया गया है। उन्हें सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक सील अथवा संपत्ति से छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अनुमति बंजी जंपिंग गतिविधियों का संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

साहसिक पर्यटन स्थलों की जांच जरूरी

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन रोजगार और पर्यटन कारोबार का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा इसकी पहली शर्त होनी चाहिए। किसी भी गतिविधि के संचालन से पहले जरूरी सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के साथ अन्य साहसिक पर्यटन स्थलों की नियमित जांच भी जरूरी है। सवाल यह है कि यदि निरीक्षण में बुनियादी सुरक्षा इंतजाम तक नदारद मिल रहे हैं, तो संचालन से पहले मानकों की जांच कितनी प्रभावी रही होगी? रोमांच का अनुभव पर्यटकों के लिए यादगार होना चाहिए, जोखिम भरा नहीं।

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