
देहरादून। उत्तराखंड में किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए नवंबर में प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में किसान ऋण मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों की तैयारियों को लेकर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, पूर्व बैठकों के निर्देशों के अनुपालन और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को सहकारिता से जोड़ने के साथ उन्हें उपलब्ध ऋण सुविधाओं और विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से दी जाए।
बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति,इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं और भारत सरकार की ‘धरती माता’ मृदा परीक्षण योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर दिया।
22 अक्टूबर तक होगी तैयारियों की समीक्षा
डॉ. रावत ने सचिव सहकारिता को निर्देश दिए कि 22 अक्टूबर तक किसान ऋण मेलों और अन्य योजनाओं की तैयारियों की दोबारा समीक्षा की जाए। इससे पहले संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति का विस्तृत आकलन किया जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में सभी तैयारियां पूरी हो सकें।
बैठक में नवंबर में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की प्रस्तावित बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को विभागीय प्रस्ताव, योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट और आवश्यक विवरण समय से तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और सहकारिता के माध्यम से उन्हें अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। योजनाओं का लाभ समय पर पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ काम करें। बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



