हिमालयी चोटियों पर तिरंगा, उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
निम के पर्वतारोहण अभियानों ने बढ़ाया उत्साह, एकांकागुआ समेत नुन-कुन की तीन चोटियों पर सफल आरोहण, मुख्यमंत्री धामी ने चार अभियानों का किया फ्लैग-इन, बोले-युवाओं को प्रेरणा देने के साथ एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून। हिमालय की ऊंची चोटियों पर उत्तराखंड के पर्वतारोहियों की सफलता अब साहसिक पर्यटन के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम), उत्तरकाशी के पर्वतारोहण अभियानों ने प्रदेश की साहसिक गतिविधियों को नई पहचान देने के साथ युवाओं में पर्वतारोहण के प्रति उत्साह बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में निम के चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया।
मुख्यमंत्री ने माउंट एकांकागुआ और नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण करने वाले पर्वतारोहियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों में अभियानों को सफल बनाना युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। पर्वतारोहियों का साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना विपरीत परिस्थितियों से जूझने का संदेश देती है।
एकांकागुआ पर 6961 मीटर की ऊंचाई पर फहराया तिरंगा
निम और जिम एंड डब्ल्यूएस, पहलगाम के संयुक्त माउंट एकांकागुआ अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय दल ने 22 फरवरी को अर्जेंटीना की 6,961 मीटर ऊंची माउंट एकांकागुआ चोटी पर सफल आरोहण किया।
नुन-कुन की तीन चोटियों पर सफलता
निम के नुन-कुन अभियान का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एसएस राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त को 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन, 26 अगस्त को 5,908 मीटर ऊंची माउंट डेल्टा-41 और 31 अगस्त को 7,135 मीटर ऊंची माउंट नुन पर सफल आरोहण किया। इस दौरान दल ने नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीनों चोटियों पर तिरंगा फहराया।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि निम पर्वतारोहण, साहसिक खेल, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पर्वतारोहण अभियानों से युवाओं में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ सकती है। साथ ही उत्तराखंड की हिमालयी भौगोलिक परिस्थितियों को साहसिक पर्यटन से जोड़कर प्रदेश में इस क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं।


