
देहरादून। छोटी उम्र में बड़े हौसले और ऊंचे लक्ष्य हासिल करने वाले नन्हें पर्वतारोहियों रियांश पंत और प्रिशा रावत की उपलब्धि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी दिल जीत लिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में दोनों बाल पर्वतारोहियों से मुलाकात कर धामी ने उनकी उपलब्धि की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रतिभाओं की धरती है। जरूरत उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और अपनी क्षमता साबित करने के लिए उचित मंच देने की है।
अल्मोड़ा के चीनाखान निवासी नौ वर्षीय रियांश पंत और नैनीताल के बैलपड़ाव निवासी दस वर्षीय प्रिशा रावत ने 22 अगस्त 2026 को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण किया। समुद्र तल से 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोटी पर दोनों ने तिरंगा फहराकर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम उम्र में किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी पर तिरंगा फहराना दोनों बच्चों के साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। उनकी यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव की बात है, बल्कि अन्य बच्चों और युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा पर्वतारोहण, खेल और साहसिक गतिविधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के युवाओं की उपलब्धियां उत्तराखंड का मान बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सही दिशा मिले। उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच दिया जाएगा। युवा प्रतिभाओं के सपनों को उड़ान देना और उन्हें अपनी मंजिल हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

