देहरादून। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ‘एकरूपता’ और ‘अनुशासन’ का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पूरे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के लिए एक समान समय सारिणी लागू करने का आदेश जारी किया है। अब पहाड़ हो या मैदान, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का समय एक जैसा होगा।
जानिये, क्या बदला है आपके स्कूल का समय
नये प्रावधानों के अनुसार, अब ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अलग-अलग समय का झंझट खत्म हो जाएगा।
-स्कूल खुलने का समय: सुबह 8:50 बजे
-प्रार्थना सभा: 25 मिनट (प्रतिदिन)
-भोजन अवकाश : 40 मिनट
-छुट्टी का समय: दोपहर 3:15 बजे
कुल कार्यदिवस: अब साल में कम से कम 220 दिन अनिवार्य पढ़ाई होगी।
इसलिए लिया गया निर्णय
वर्तमान में प्रदेश के कई स्कूलों में साल भर में औसतन 200 दिन भी पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। एनईपी मानकों को पूरा करने के लिए एससीईआरटी ने यह सख्त कदम उठाया है। 220 शिक्षण दिवसों का लक्ष्य पूरा करने के लिए इस बार शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में कटौती का भी प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
विद्यार्थियों को अपनी पसंद के विषय चुनने की आजादी
इस बैठक में केवल समय ही नहीं बदला, बल्कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक और बड़ी घोषणा की गई है। अब कक्षा 11 से ही विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर सकेंगे। अब उन पर विषयों का बोझ नहीं, बल्कि उनकी अभिरुचि का सम्मान होगा।एससीआरटी की निदेशक बंदना गर्ब्याल के अनुसार एनईपी के तहत प्रतिदिन न्यूनतम 6 घंटे 25 मिनट का कार्यदिवस तय किया गया है। इससे स्कूलों की कार्य संस्कृति बदलेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।



