प्रदेश में विसंगति और अनमैप्ड मतदाताओं की 94 प्रतिशत सुनवाई पूरी
एसआईआर को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, एक सप्ताह में फार्म-6, 7 और 8 के मामलों का निस्तारण करने के निर्देश

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने आगामी एक सप्ताह के भीतर फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 से संबंधित दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों में दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी दी। अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई के साथ ही शेष मामलों की सुनवाई को लेकर जिलेवार विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 71 लाख 33 हजार मतदाताओं के सापेक्ष अनमैप्ड और विसंगति से संबंधित कुल 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक करीब 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। इस तरह अनमैप्ड एवं विसंगति से जुड़े मामलों में करीब 94 प्रतिशत सुनवाई पूरी हो चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि करीब 1 लाख 10 हजार मतदाता ऐसे हैं, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके। ऐसे सभी मतदाताओं को पुनः सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावों एवं आपत्तियों की समयबद्ध और नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्राप्त प्रत्येक दावे एवं आपत्ति का गंभीरता से परीक्षण करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका निस्तारण किया जाए।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि लंबित मामलों का आगामी एक सप्ताह में प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित प्रदेश के सभी जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


