लोक भवन देहरादून में वसंतोत्सव 27 फरवरी से, उतरेगा फूलों का अनूठा संसार
कर्टेन रेजर में राज्यपाल ने वसंतोत्सव-2026 की विस्तृत जानकारी दी, इस वर्ष वसंतोत्सव में ‘‘फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग’’ रहेगी थीम

-वसन्तोत्सव में इस वर्ष विशेष पोस्टल कवर के लिए ‘‘भोजपत्र’’ का किया गया है चयन
-27 फरवरी को वसंतोत्सव का उद्घाटन प्रातः 10ः00 बजे किया जाएगा
-वसंतोत्सव में तीन उत्कृष्ट कृषकों, तीन महिला कृषकों और तीन स्टार्टअप को गवर्नर्स अवॉर्ड से किया जाएगा सम्मानित
-27 फरवरी को दोपहर 1.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक तथा 28 फरवरी व 01 मार्च को प्रातः 09.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक पुष्प प्रदर्शनी जनसामान्य के लिए निःशुल्क खुली रहेगी
देहरादून। शुक्रवार को लोक भवन में वसंतोत्सव-2026 का ‘कर्टेन रेजर’ आयोजित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस वर्ष 27 फरवरी से लोक भवन में शुरू हो रहे तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विशेष पोस्टल कवर के लिए ‘‘भोजपत्र’’ का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को दोपहर 1.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक तथा 28 फरवरी एवं 01 मार्च को प्रातः 09.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक वसंतोत्सव/पुष्प प्रदर्शनी जनसामान्य के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन में आयोजित होने वाला वसंतोत्सव पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह उत्सव प्रकृति, परंपरा और प्रगति के संगम का प्रतीक है तथा आमजन, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है।
राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और कृषि आधारित उत्पादों को एक सशक्त मंच प्रदान करता है। इस आयोजन के माध्यम से कारीगरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिलता है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पुष्प उत्पादन के बढ़ते क्षेत्रफल और अनुकूल जलवायु के कारण फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। पुष्प प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धित उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो रहे हैं, वहीं ऐसे आयोजन पुष्प पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसरों का विस्तार कर रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पुष्पों का विशेष स्थान है और वसंत ऋतु सृजन एवं नव प्रेरणा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पुष्प, कृषि पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को बल दे रही है। राज्यपाल ने कहा कि आध्यात्मिक रूप से पुष्प श्रद्धा, पवित्रता और कृतज्ञता के प्रतीक भी हैं।
‘कर्टेन रेजर’ में सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल सेमवाल, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. रतन कुमार भी उपस्थित रहे।
वसंतोत्सव-2026 के महत्वपूर्ण आकर्षण
वसंतोत्सव में 15 मुख्य प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल 55 उप श्रेणी हैं, जिनमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिये जाएंगे। कुल 165 पुरस्कार निर्णायक मण्डल के निर्णय के उपरान्त दिनांक 01 मार्च, 2026 को विजेताओं को प्रदान किए जाएंगे।
वसंतोत्सव में कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट्स प्रबन्धन, लूज फ्लावर प्रबन्धन, पुष्प के अतिरिक्त पॉटेड प्लांट्स, बोन्साई, कैक्टस एवं सकुलेन्ट्स टेरारियम, हनी, हैंगिंग पॉटस, रंगोली एवं विद्यालयी (05 से 18 वर्ष आयु वर्ग), दिव्यांग एवं अन्य बच्चों हेतु पेंटिंग प्रतियोगिताओं आदि का आयोजन किया जाएगा।
इस वर्ष प्रथम बार हाइड्रोपोनिक कल्टीवेशन टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन प्रतियोगिता में सोयल-लेस तकनीकी को भी सम्मिलित किया गया है।
दून विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा पुष्प उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन इत्यादि पर आधारित पुष्प आर्थिकी पर पुस्तक का प्रकाशन कराया जायेगा।
उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजन में आने वाले समस्त आगंतुकों की संख्या एवं उनके इमोशनल इम्प्रेशन की कवरेज हेतु ऐप विकसित किया गया है।
इस तीन दिवसीय आयोजन में राज्य के 30 से अधिक विभागों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा, जिसमें उद्यान विभाग के अतिरिक्त विभिन्न शोध संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, बोर्ड, निगम आदि प्रमुख होंगे।
तीन दिवसीय आयोजन के प्रथम एवं द्वितीय दिवस (27 एवं 28 फरवरी, 2026) को सायं काल एक घण्टे का सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। साथ ही तीनों दिवसों को दिन के समय प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संबंधित स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि का आयोजन लोक भवन प्रांगण में किया जायेगा।
इस वर्ष प्रथम बार रिदमिक योगा कार्यक्रम के सजीव प्रदर्शन हेतु राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान, देहरादून और निरामया योगम् रिसर्च फाउण्डेशन, हरिद्वार को आमंत्रित किया जायेगा।
भारतीय सैन्य संस्थान, इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी), पी0ए0सी0, पाइप बैण्ड एवं होमगार्ड के बैंड आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहेंगे।
इस तीन दिवसीय आयोजन में फूड कोर्ट में विभिन्न प्रकार के मिलेट्स एवं उत्तराखण्डी व्यंजनों के गुणवत्तायुक्त स्टॉल लगेंगे। फूड कोर्ट में ‘‘मिलेट्स एवं स्वाद उत्तराखण्ड’’ से संबंधित थीम आधारित स्टॉलों का प्रदर्शन किया जायेगा।
वसंतोत्सव के अवसर पर डाक टिकट प्रदर्शनी तथा आर्ट गैलरी के माध्यम से विभिन्न पेन्टिंग्स प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा।
वसंतोत्सव-2026 में प्रथम बार आयोजित मुख्य कार्यक्रम/गतिविधियाँः-
इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम ‘‘फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग’’ निर्धारित की गई है, जिसमें प्रकृति एवं पुष्पों के माध्यम से मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक कल्याण को रेखांकित किया गया है।
विशेष फोकस भोज पत्र के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं औषधीय महत्व पर रहेगा। इस थीम के अनुरूप आयोजन स्थल की सज्जा, प्रदर्शनी, स्मृति-चिह्न, साहित्य एवं विभिन्न गतिविधियों का स्वरूप निर्धारित किया गया है।
कृषि एवं कृषक कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे 03 उत्कृष्ट कृषकों, 03 उत्कृष्ट महिला कृषकों, स्टार्टअप्स के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य कर रहे 03 अग्रणी युवाओं को गवर्नर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया जायेगा।
विभिन्न आयु वर्ग के स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता थीम आधारित थीमः 1. फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग, 2. भोज पत्र वृक्ष एवं 3. उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक समृद्धि एवं धरोहर) कराई जायेगी।
प्रदेश में उत्पादित उच्च गुणवत्ता युक्त ड्रैगन फ्रूट एवं कीवी के प्रचार-प्रसार हेतु विभागीय स्टॉल में प्रदर्शन किया जाएगा।



