आपदा सुरक्षित उत्तराखंड के लिए विश्व बैंक जारी रखेगा सहयोग: पास्कल डोनोहोई
विश्व बैंक की हाई लेवल टीम ने यूएसडीएमए का किया भ्रमण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रयासों की सराहना

देहरादून। उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को विश्व बैंक ने सराहनीय बताया है। विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील पर्वतीय राज्य है। राज्य में आपदा जोखिम कम करने के लिए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अध्ययन और मजबूत संस्थागत क्षमता का निरंतर विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए विश्व बैंक भविष्य में भी अपना सहयोग जारी रखेगा।
बुधवार को पास्कल डोनोहोई के नेतृत्व में विश्व बैंक की हाई लेवल टीम ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने विश्व बैंक के सहयोग से संचालित आपदा प्रबंधन एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की और उनकी प्रगति की जानकारी ली।
टीम ने विशेष रूप से यू-प्रिपेयर परियोजना के तहत उत्तराखण्ड में भूस्खलन न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अपनाई जा रही तकनीकों, जोखिम न्यूनीकरण के उपायों और राज्य के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
अत्याधुनिक तकनीक से बने यूएसडीएमए भवन का निरीक्षण
विश्व बैंक की टीम ने यू-प्रिपेयर परियोजना के तहत अत्याधुनिक भूकंपरोधी एवं बेस आइसोलेशन तकनीक से निर्मित यूएसडीएमए भवन का भी निरीक्षण किया। टीम को भवन की संरचनात्मक विशेषताओं और भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान इसकी सुरक्षा क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। विश्व बैंक प्रतिनिधियों ने भवन में अपनाई गई आधुनिक तकनीकों और आपदा प्रतिरोधी निर्माण की सराहना की।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्व बैंक से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने यूएसडीएमए की ओर से आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखण्ड में 36 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आपदा शेल्टर निर्माण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और स्लोप स्टैबिलाइजेशन से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से विभिन्न विभागों की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के साथ ही आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्व बैंक की टीम ने यूएसडीएमए द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी वित्तीय सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।


