उपनल कर्मियों को तीन चरणों में मिलेगा समान कार्य समान वेतन, कैबिनेट ने दी मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल कर्मियों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने पर सहमति प्रदान की है। इसके साथ ही कृत्रिम सेवा व्यवधान के बावजूद पात्र पुराने उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, एक जनवरी 2016 से पहले नियोजित उपनल कर्मियों के संबंध में समान कार्य समान वेतन की प्रक्रिया पहले से चल रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियोजित कार्मिकों को शामिल किया जाएगा, जिसकी कार्यवाही 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी। तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्तूबर 2024 तक नियोजित उपनल कर्मियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ देने की प्रक्रिया एक अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
कृत्रिम ब्रेक वाले पुराने उपनल कर्मियों को भी लाभ
कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों की सेवा में दिए गए कृत्रिम ब्रेक को भी ध्यान में रखा है। सैनिक कल्याण विभाग के 20 फरवरी 2026 के शासनादेश में उल्लिखित निरंतर नियोजित रहने की शर्त को हटाते हुए, एक जनवरी 2016 से पहले कार्य कर रहे और वर्तमान में भी कार्यरत उपनल कर्मियों को शासनादेश के तहत न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
यदि किसी विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में अधिक उपनल कर्मी कार्यरत हैं तो नियुक्ति की तारीख के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। पहले नियुक्त हुए कर्मियों को उपलब्ध स्वीकृत पदों के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा। शेष कार्मिकों को उनकी न्यूनतम शैक्षिक अर्हता के अनुरूप संवर्ग के प्रारंभिक पद के वेतनमान पर उसी विभाग में कार्यरत किया जा सकेगा। पद उपलब्ध नहीं होने पर अधिसंख्य पदों के सृजन अथवा समायोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित की जाएगी।
उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्य कर रहे पूर्व उपनल कर्मियों को भी वेतनमान का न्यूनतम और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है। निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में इस संबंध में न्यायालय के आदेशों और सैनिक कल्याण विभाग के निर्देशों के अधीन निर्णय लेने की व्यवस्था रहेगी।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को भी मंजूरी
कैबिनेट ने ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को भी मंजूरी दी। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता होगी और कुल टैरिफ ₹5.746 प्रति यूनिट तय किया गया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को पावर सप्लाई एग्रीमेंट समेत आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने तथा नियामक आयोग से वैधानिक मंजूरी लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
सहकारिता के लिए नई नीति
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को प्रख्यापित करने का निर्णय लिया। नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। इसमें सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं, जिनमें सहकारिता की नींव मजबूत करना, संस्थाओं को भविष्य के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार, युवाओं को जोड़ना तथा आर्थिक व्यवहार्यता और विविधीकरण शामिल हैं।
वेतन मैट्रिक्स में लेवल-14 और 15 का संशोधन
सरकारी सेवकों के वेतन निर्धारण से संबंधित वेतन मैट्रिक्स में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है। लेवल-13ए के बाद वर्तमान में सीधे लेवल-15 और लेवल-16 का प्रावधान था। अब ₹1,44,200-2,18,200 के वेतनमान को लेवल-14 और ₹1,82,200-2,24,100 के वेतनमान को लेवल-15 के रूप में संशोधित किया जाएगा। विभागीय पद संरचनाओं और सेवा नियमावलियों में भी इसी अनुरूप बदलाव माना जाएगा।
सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों पर ग्रीन सेस में बदलाव
कैबिनेट ने सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को मोटरयान कर में दी जा रही छूट को समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया। सरकार का तर्क है कि इन वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मौजूदा कर छूट से राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन का गठन
राज्य में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसका उद्देश्य आम लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और विभागीय स्तर पर विशेषज्ञता की कमी को दूर करना है।
हरिद्वार में एनसीडीसी की शाखा के लिए भूमि
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर मात्र एक रुपये में देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। प्रस्तावित शाखा में बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और इससे रोग निगरानी तथा महामारी की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ेगी।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के 116 परिवारों को आवास
नदियों के किनारे बसी मलिन बस्तियों के व्यवस्थित विस्थापन की योजना के तहत काठबंगला में बनाए गए 116 आवासों को रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के नगर निगम, देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवंटित करने पर सहमति दी गई।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग के लिए नई सेवा नियमावली, कारागार उप कारापाल सेवा नियमावली में संशोधन और लोकायुक्त खोजबीन समिति के कार्यकलापों के लिए नियमावली को मंजूरी दी।
शहरी आबादी क्षेत्रों के आधुनिक भूमि सर्वेक्षण और अभिलेख तैयार करने के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को जरूरत के अनुसार अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
यूयूएसडीए के ढांचे के पुनर्गठन के तहत विभिन्न शहरी परियोजनाओं के संचालन के लिए 94 अस्थायी गैर-संवर्गीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। अंत्योदय फाउंडेशन को ऋषिकेश में कैंसर मरीजों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के लिए दी जाने वाली संपत्ति की गिफ्ट डीड पर ₹8.87 लाख की स्टांप ड्यूटी माफ करने का निर्णय भी लिया गया।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम-2026 को मंजूरी, सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए राज्य स्तर पर समर्पित प्रकोष्ठ के गठन और उसमें छह संविदा पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इसके अलावा शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है।

