उत्तराखंडचारधाम यात्रा

चारधाम यात्रा ने रचा नया रिकॉर्ड, 125 दिनों में 48 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

यमुनोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 6.68 लाख के पार, पिछले साल की तुलना में 5.22 लाख अधिक तीर्थयात्री पहुंचे

देहरादून।उत्तराखंड में मानसून की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चारधाम यात्रा पूरी सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्बाध जारी है। यात्रा के 125 दिनों में ही चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख के पार पहुंच गई है। शुक्रवार, 21 अगस्त तक कुल 48 लाख 04 हजार 897 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5 लाख 22 हजार 634 अधिक है।

इस बार यमुनोत्री धाम ने भी नया रिकॉर्ड कायम किया है।पहली बार यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 6 लाख 68 हजार 163पहुंच गई है। वर्ष 2025 में पूरे यात्रा सीजन में 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचे थे। इस लिहाज से इस वर्ष यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को भी पार कर गई है।

बदरीनाथ में सर्वाधिक 16.54 लाख श्रद्धालु

इस वर्ष चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 21 अगस्त तक बदरीनाथ धाम में 16 लाख 54 हजार 263, केदारनाथ में 14 लाख 65 हजार 370, गंगोत्री में 7 लाख 47 हजार 671 और यमुनोत्री में 6 लाख 68 हजार 163 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंट साहिब में 2 लाख 69 हजार 430 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।

बदरीनाथ धाम में पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 62 हजार 304 अधिकश्रद्धालुओं के पहुंचने से यहां भी तीर्थयात्रियों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

2025 के मुकाबले 5.22 लाख अधिक श्रद्धालु

इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। 125 दिनों में ही 48 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना यात्रा के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। वर्ष 2025 में इसी अवधि तक 42 लाख 82 हजार 263 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 48 लाख 04 हजार 897 हो गया है।

मानसून में सुरक्षा पर विशेष जोर

मानसून के दौरान मौसम और भूस्खलन जैसी चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार यात्रा संचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी समेत यात्रा से जुड़े जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर यात्रा को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक एडवाइजरी जारी करने की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों, धामों और प्रमुख पड़ावों पर प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।

यमुनोत्री यात्रा में लगातार बढ़ा रुझान

यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले दो दशकों में लगातार बढ़ी है। वर्ष 2000 में जहां 88,672 श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 6,44,637 हो गई। अब 2026 में 21 अगस्त तक ही यह आंकड़ा 6,68,163 पहुंच गया है। इससे यमुनोत्री धाम की लोकप्रियता और तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है और यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

चारधाम यात्रा के 2026 के आंकड़े (21 अगस्त तक)
– बदरीनाथ धाम — 16,54,263
– केदारनाथ धाम — 14,65,370
– गंगोत्री धाम — 7,47,671
– यमुनोत्री धाम —6,68,163
– कुल चारधाम यात्री — 48,04,897
– हेमकुंट साहिब — 2,69,430

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button