देहरादून के तेरह गांव में खुलेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 में धामी ने की घोषणा

देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देहरादून के आईटी पार्क स्थित तेरह गांव में प्रदेश के सभी 13 जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोला जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026’ के उद्घाटन सत्र में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है, जबकि 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है।
गांवों के उत्पादों को मिलेगा व्यापक बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब केवल विकास के सहभागी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश की मातृशक्ति और युवा अपने हुनर के बल पर स्थानीय उत्पादों को व्यवसाय का रूप दे रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि इन उत्पादों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और व्यापक पहचान मिले।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दालें, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कला तक में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की क्षमता है। जरूरत सिर्फ इन उत्पादों और हुनर को सही दिशा, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की है।
इसी उद्देश्य से देहरादून के 13 गांव में प्रस्तावित राज्य स्तरीय विपणन केंद्र को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए एक बड़ा और व्यवस्थित बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
13 हजार से अधिक उद्यमियों को मिला सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ग्रामीण उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने में मदद दी जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और गांवों में ही आजीविका के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों।
3 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इनमें से 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अपने हुनर से स्थानीय संसाधनों को आय के साधन में बदल रही हैं। सरकार इन उत्पादों को गांव से बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को ब्रांड पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नाम से अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। इसके माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को एक साझा ब्रांड पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन्हें धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखंड का उत्पाद खरीदे तो उसे उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस होनी चाहिए।
ग्रामीण हाट और कलेक्शन सेंटर हो रहे मजबूत
धामी ने कहा कि किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने के लिए ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना केवल आर्थिक सशक्तीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध पलायन रोकने से भी है। सरकार चाहती है कि युवाओं को रोजगार के लिए अपने गांव छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
‘ग्रामोत्थान परियोजना’ से आजीविका को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिशा में ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के माध्यम से गांवों के अति-निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होगा तो उत्तराखंड मजबूत होगा।
सभी 13 जिलों में होगी उद्यमशाला चौपाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन को भी गांव-गांव भेजा जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं और अवसरों की जानकारी पहुंच सके।
लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ और सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


