उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जारी, 24.30 लाख में से 20.27 लाख मतदाताओं तक पहुंचे नोटिस: सीईओ
65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर होगी नोटिसों की सुनवाई

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में विसंगतियों और अनमैप्ड मतदाताओं से संबंधित मामलों की सुनवाई लगातार जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान की प्रगति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के नोटिस चरण में 24 लाख 30 हजार मतदाताओं के सापेक्ष अब तक 20 लाख 27 हजार मतदाताओं तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। वहीं, 14 जुलाई से 5 अगस्त तक चले दावे और आपत्तियों के चरण में अब तक फॉर्म-6 के 57 हजार, फॉर्म-7 के 22 हजार 668 और फॉर्म-8 के 26 हजार 145 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर राजनीतिक दलों से भी लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। विधानसभा स्तर पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) तथा राज्य स्तर पर सीईओ नियमित रूप से समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि नोटिसों की सुनवाई के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड विजिट किए जा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुनवाई के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सीईओ ने बताया कि सभी जिलों के डीईओ को निर्देशित किया गया है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में अधिकारी स्वयं उनके घर जाकर नोटिसों की सुनवाई करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विसंगति से जुड़े मामलों में इन मतदाताओं को अनावश्यक रूप से बूथ या कार्यालय आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे।


